दंगों की आग में उपजा प्यार - राज और सिया की सच्ची प्रेम कहानी | गलतफहमी से टूटे रिश्ते का दर्दनाक सफर
परिचय:-
राज और सिया की मुलाकात शहर में भड़के दंगों के बीच हुई जब सब लोग एक दूसरे को जान से मारने पर उतारू थे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ रहा था भी कि वे कई बेगुनाह लोगों की भी जान ले रहे थे बस सब पर खून सवार था इसी देंगे से बचने के लिए सिया वहां एक सूखे नाले में छिप जाती है जहां पर पहले से ही राज अपनी जान बचाने के लिए छुपा हुआ था सिया राज को देखकर डर जाती है जैसे ही वह चिल्लाने वाली होती है उसी समय राज उसके मुंह पर हाथ लगा देता है और बोलता है कि मैं भी अपनी जान बचाने के लिए यहां छुपा हूं तुम्हे मुझे डरने की जरूरत नहीं है हमारी जरा सी आवाज भी उन्हें हमारे तक पहुंचा सकती है इसलिए हमें यहां पर बिना आवाज किए रहना होगा.राज और सिया पूरी रात उस नाले में छुपे रहते हैं सुबह जब पुलिस वाहन आती है और सारी स्थिति पर कंट्रोल लेती है तब राज और सिया मदद लेने के लिए पुलिस के पास जाते हैं सिया पुलिस से कहती है मैं यहां पर पास ही की सोसाइटी में रहती हूं आप मुझे प्लीज मेरे घर छोड़ देंगे। राज कहता है में यहां पर कॉलेज के हॉस्टल में रहता हूं पुलिस उनसे पूछती है तुम एक दूसरे को जानते हो और एक जगह पर क्या कर रहे थे कुछ गलत तो नहीं कर रहे थे सिया के बोलने से पहले राज बोलता है सर हम फ्रेंड है और हम अपनी किसी फ्रेंड से मिलने आए थे और अचानक ही देंगे शुरू हो गए हम कोई गलत काम नहीं कर रहे थे बस अपनी जान बचाने के लिए यहां छुप गए और कुछ नहीं है फिर पुलिस उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजती है और कुछ समय बाद जब सब शांत होने लगता हैतो पुलिस ।राज से कहती है अब तुम दोनों अपने घर जाओ कहीं फिर से देंगे ना शुरू हो जाए। अब राज सिया को अकेले भी नहीं छोड़ सकता था और पुलिस से भी नहीं कह सकता था की वो एक दूसरे को नहीं जानते। क्योंकि राज ने सिया को अपना फ्रेंड बताया था फिर एकदम से सिया कहती है सर हम दोनों को अलग-अलग दिशा में जाना है इसलिए मुझे आप मेरे घर छोड़ दो पुलिस कहती हमारे पास इतनी फोर्स नहीं है अभी हमें शहर पर नियंत्रण रखना है. यह तुम्हारा फ्रेंड है यह तुम्हें छोड़ देगा फिर से माहौल खराब हुआ तो यह तुम्हारे घर भी रुक सकता है.राज कहता है सर मैं इन्हें छोड़ दूंगा राज सिया को उसके घर छोड़ने जाता है तभी यह दोनों एक दूसरे का नाम पूछते हैं राज पूछता है क्या तुम यहीं की रहने वाली हो। नहीं अभी 3 महीने पहले ही आए हैं और मैं अपना एडमिशन करवाने कॉलेज गई थी राज़ पूछता है कौन सा कॉलेज सिया कहती है महाराणा प्रताप सिंह कॉलेज राज कहता है मैं भी इसी कॉलेज में पढ़ता हू सिया कहती है क्या? तुम इस शहर के नहीं हो राज मैं पास के एक छोटे से शहर में रहता हूं और अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए कॉलेज के हॉस्टल में रहता हूं.बात करते-करते सिया का घर आ जाता है राज उसे घर के पास छोड़ देता है राज कहता अगर कॉलेज में तुम्हें किसी चीज की जरूरत हो तो मैं तुम्हारी मदद कर सकता हूं तुम मेरा नंबर ले लो सिया भी अब राज के साथ बातचीत में थोड़ी खुल गई थी सिया भी राज का नंबर नोट कर लेती है राज सिया को छोड़कर अपने रूम पर चला जाता है सिया सोचती है उसने मेरी कितनी मदद की है मुझे भी फोन करके पूछना चाहिए कि वह अपने हॉस्टल पहुंच गया क्या सिया राज को फोन करके पूछती है कि वह अपने हॉस्टल पहुंच गया क्या राज् जवाब देता है कि वह कुछ समय पहले पहुंचा है सिया कहती है ठीक है. फिर सब कुछ।ठीक होने के बाद हम कॉलेज में मिलते हैं शहर के माहौल को पहले के जैसा होने में 2 महीने लग गए लोगों के मन से वह भयानक मंजर निकालने में इन दो महीना में राज और सिया की वह मुलाकात धुंधली बढ़ने लगी थी फिर कॉलेज लगने के 6 महीने बाद दोनों कॉलेज के एक कार्यक्रम में मिले फिर दोनों में बात शुरू हो गई और समय के साथ वे दोनों अच्छे फ्रेंड बन गए 2 साल की दोस्ती अब बहुत पक्की हो गई थी सिया के मन में राज की एक अलग जगह बन गई थी क्योंकि आज एक मिलनसार और सब की मदद करने वाला होनहार लड़का है.सिया की सहेली ईशा कहती है सिया तुम राज से प्यार करने लगी होना सिया बात को टालते हुए कहती है नहीं ऐसी कोई बात नहीं है लेकिन सिया को पता था कि वह राज से प्यार करने लगी है लेकिन वह राज से नहीं कह पा रही थी क्योंकि राज सिर्फ अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान देता था वह किसी प्यार व्यार में नहीं पढ़ना चाहता था इसलिए सिया राज को कुछ नहीं कह पा रही थी.उसे डर था कहीं वह राज जैसा दोस्त ना खो दें लेकिन सिया आपने मन को नहीं रोक पा रही थी राज के प्रति उसका व्यवहार कुछ ज्यादा ही परवाह करने वाला हो गया था.ऐसे ही एक साल निकल गया एक दिन राज किसी लड़की के साथ होता है जिसे देखकर सिया को गुस्सा आ जाता है और वह उसे लड़ने लग जाती है राज सोचता है इससे अचानक क्या हुआ है यह तो कभी भी ऐसा व्यवहार नहीं करती थी फिर आज क्या हुआ है राज़ सिया से पूछता है आखिर बात क्या है लेकिन सिया कुछ बोले बिना ही वहां से चली जाती है. कुछ समय बाद सिया राज से फोन करके पूछती है वह लड़की कौन है राज कहता है वह मेरी कजिन बहन है सिया यह सुनकर खुश हो जाती है जब सिया अगले दिन राज से मिलती है तो बहुत खुश होती है सिया के ऐसे बर्ताव से राज को ज्यादा समय नहीं लगा था जानने में कि सिया उससे प्यार करती है राज़ सिया से पूछ लेता है क्या तुम मुझसे प्यार करती हो. सिया हाँ में जवाब देती है राज उसे डांटे हुए बोलता है पल तुम्हें मुझे बताया क्यों नहीं सिया कहती है मुझे डर था कहीं तुम मुझे गलत ना समझोऔर मैं तुम जैसा दोस्त ना खो दूं राज कहता है पागल एक बार बात तो करती मैं भी तुम्हें पसंद करता हूं.बस तुम्हें पढ़ाई से डिस्टर्ब नहीं करना चाहता था इसलिए मैं तुम्हें अपने दिल की बात नहीं बता सका.यह सुनकर सिया बहुत खुश हो गई क्योंकि जिस बात को कहने से वह डर रही थी राज ने खुद ही सिया के दिल की बात समझ ली जिसे देखकर सिया की आंखें नम होगी जब से राज ने उससे प्यार का इजहार किया तब से ही दोनों का प्यार दिन भर दिन गहरा होता जा रहा था दोनों एक दूसरे के साथ रहने के सपने सजाने शुरू कर दिए. दोनों एक साथ अपनी जिंदगी बिताना चाहते हैं बस उनका इंतजार है तो अपनी पढ़ाई पूरी करने का राज भी अपनी पढ़ाई पूरी करके सेटल होना चाहता है क्योंकि राज का यह फाइनल साल है राज सिया कहता है मुझे जैसे ही नौकरी मिल जाएगी मैं तुम्हारे घर वालों से अपने रिश्ते की बात कर लूंगा सिया कहती है ठीक है लेकिन तुम जल्दी करना लेकिन राज और सिया के बारे में सिया के घर वालों को पता चल जाता है जिससे वह लोग सिया पर बहुत नाराज होते हैं जब राज को पता चलता है कि सिया की फैमिली को उनके प्यार के बारे में पता चल गया है तो राज अपने और सिया के रिश्ते की बात करने के लिए वह अपनी फैमिली को सिया के बारे में बता देता है उनके प्यार से दोनों के परिवार वाले खुश नहीं थे.राज और सिया अपनी अपनी फैमिली को मनाने की पूरी कोशिश करते हैं राज अपनी फैमिली को मनाने में कामयाब हो जाता है राज कहता है आप लोग एक बार सिया और उसकी फैमिली से मिल ले अगर आप लोगों को सही नहीं लगा तो मैं सिया से शादी नहीं करूंगा.उधर सिया भी अपनी फैमिली को राज और उसकी फैमिली से मिलने के लिए मना लेती है.सिया अपने मम्मी पापा को बताती है कि दंगों के समय में राज ने उसकी बहुत मदद की थी वह भी उसे घर तक छोड़कर गया था यह सुनकर सिया के मां-बाप राजी हो जाते हैं राज और उसकी फैमिली से मिलने के लिए राज और सिया की कोशिश कामयाब हो जाती है अपनी अपनी फैमिली को मनाने में क्योंकि यह दोनों अपनी फैमिली को नाराज करके अपने सपनों का महल नहीं बनना चाहते थे.आखिर वह दिन आ ही गया जब दोनों की फैमिली मिलने के लिए आमने-सामने खड़ी थी यह एक रेस्टोरेंट में मिले थे जब राज और सिया के पापा एक दूसरे को देखते हैं तो वह दोनों हैरान रह जाते हैं क्योंकि ये कॉलेज में साथ पढ़ते थे उन दोनों को यकीन नहीं हो रहा था कि वह इतने सालों बाद एक दूसरे से मिले हैं दोनों की पुरानी दोस्ती ताजा हो जाती है सिया के पापा कहते हैं यार हमारे बच्चों में अनजाने में ही हमें आपस में मिला दिया वरना मैं तो इस रिश्ते को बिना देखे ही मना कर दिया था राज के पापा कहते हैं मैं भी मना कर दिया था लेकिन बच्चों की जिद के कारण यहां आना पड़ा.सिया के पापा कहते हैं अच्छा किया जो तू आ गया काम से कम मिल तो गए राज और सिया की फैमिली उनके रिश्ते को मंजूरी दे देती है देखकर सिया और राज की खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहता है राज कहता है अब हमारे रिश्ते को मंजूरी मिल गयी अब हमें अपने करियर पर ध्यान देना चाहिए राज अपनी जॉब के लिए एक शहर से दूसरे शहर में जाता रहता है इस बीच वह कई लोगों से मिलता रहता है राज सिया से मिलने का समय भी निकालता है सिया राज से कहती है अब तो तुम्हें जॉब मिल गई अब तो हमें शादी कर लेनी चाहिए.राज कहता है तुम ठीक कह रही हो अगले महीने मैं अपनी ऑफिस का हेड बन जाऊंगा उसके बाद मुझे यहां वहां जाने की जरूरत नहीं होगी और उसके बाद हम शादी कर लेंगे. राज जल्द ही अपने और सिया के लिए एक मकान देख लेता है जिसमें वह शादी के बाद रहेंगे राज सिया को मकान दिखाने के लिए ऑफिस बुलाता है ऑफिस के बाद वे लोग मकान देखकर आएंगे जब सिया राज के केबिन में जाती है तो वहां एक लड़की होती है जो राज को आई लव यू बोलती है और उसका सर राज के गले लगा होता है यह देखकर सिया का दिल टूट आ जाता है यह सोचकर कि राज उसे धोखा दे रहा है और वह राज से बिना मिले चली जाती है जब राज को पता चलता है कि सिया उसे मिले बिना चली गई है तो वह उसे कॉल करता है कि कही कुछ हुआ तो नहीं सब ठीक तो है ना लेकिन सिया राज का फोन नहीं उठाती है राज सिया को फोनकर करके थक जाता है तो वह उससे मिलने घर चला जाता है सिया उससे बात करने से मना कर देती है लेकिन राज जबरदस्ती उसके कमरे में चला जाता है वह उससे पूछता है आखिर हुआ क्या है तुम मुझसे इतनी नाराज क्यों हो मैंने क्या किया है सिया कहती है तुम्हें यह भी नहीं पता कि तुमने क्या किया है तुम मुझे धोखा दे रहे हो तुम ऑफिस में किसी लड़की से प्यार करते हो और मुझसे शादी करने के वादे कर रहे हो.राज कहता है सिया ऐसी कोई बात नहीं है तुम्हें गलतफहमी हुई है मुझे कोई गलतफहमी नहीं हुआ मैं खुद तुम दोनों को गले लगते देखा है राज कहता है वह लड़की मुझसे प्यार करती है मैं नहीं मुझे नहीं पता था कि वह लड़की ऐसा करेगी सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि तुम्हें सब देखकर गलतफहमी हो गई मैंने उस लड़की को खुद दूर कर दिया था मैंने उसे बता दिया कि मैं तुमसे प्यार करता हूं और हम शादी करने वाले हैं लेकिन सिया राज की किसी भी बात पर भरोसा नहीं करती है वह राज से कहती है तुम झूठ बोल रहे हो मेरे सामने तुम्हारा धोखा आ गया है तुम मुझे बेवकूफ बना रहे थे राज सिया को मनाने की पूरी कोशिश करता है लेकिन सिया पर राज की कोई बात का फर्क नहीं पड़ता है राज सिया के घर से वापस आ जाता है राज और सिया के मां-बाप भी सिया को समझाने की पूरी कोशिश करते हैं लेकिन सिया कुछ समझने के लिए प्यार ही नहीं अब राज भी आखिरी कोशिश करता है लेकिन सिया नहीं मानती है.क्योंकि सिया को लगता है कि वह अपने वादे कारण मुझसे शादी करना चाहता है क्योंकि प्यार तो मैं ही करती थी वह तो मुझे पसंद करता था कहीं वह मुझसे प्यार ना करता हो और मेरे कारण वह अपने प्यार से दूर हो जाए वह राज की खुशी के लिए राज से दूर हो जाती है.राज कहता है सिया ठीक है आज के बाद मैं तुम्हें कुछ नहीं कहूंगा ना तुम्हें कॉल करूंगा ना तुमसे मिलूंगा मैंने जो कोशिश करनी थी कर ली जब तुम्हें हमारे प्यार पर भरोसा ही नहीं तो ऐसा प्यार किस काम का जो जरा सी गलत फैमिली से टूट जाए.सिया कहती है तुम्हें जो करना है करो मैं अब जा रहा हूं अब मुझे कोई उम्मीद मत रखना क्योंकि सिया के बर्ताव से राज को भी गुस्सा आ रहा था गुस्से में वह भी वहां से आ जाता है और दोनों अलग हो जाते हैं लेकिन दोनों एक दूसरे से प्यार भी बहुत करते हैं. राज और सिया के एक दूसरे के बिना रहना मुश्किल हो रहा था उन दोनों ने साथ रहने के सपने सजाएँ थे और आज वे दोनों अलग हैं दोनों का दिल एक दूसरे के लिए धड़कता है लेकिन फिर भी दोनों साथ नहीं है क्योंकि कई बार साथ रहने के लिए प्यार की जरूरी नहीं होता है किस्मत भी होनी चाहिए शायद राज और सिया की किस्मत में साथ रहना नहीं लिखा था दोनों एक दूसरे को याद करते-करते 5 साल हो गए थे लेकिन दोनों का प्यार वैसा ही था जैसे पहले था दोनों एक दूसरे को याद करते रहते हैं लेकिन वह इन पांच सालों में कभी नहीं मिले एक दिन अचानक राज और सिया की मुलाकात एक ट्रेन में होती है दोनों ही दूसरे के आमने-सामने की सीट पर बैठे होते हैं दोनों एक दूसरे को देखते हैं और उनकी आंखें नम हो जाती है.उन्होंने जो समय पहले साथ बिताया था वह सब याद आता है जिससे उनके दिल की तकलीफ और बढ़ जाती है शायद राज ने उस लड़की से शादी कर ली होगी राज भी सोचता है शायद सिया का पति उसके साथ होगा दोनों आपस में कोई बात नहीं करते हैं लेकिन दोनों अपने पुराने लम्हों में जी रहे थे फिर राज सिया को खिड़की के शीशे से ध्यान से देखा है सिया शादी सुधा नहीं लग रही थी.राज सिया से पूछता है तुमने शादी नहीं की। नहीं कि मैंने सिर्फ तुमसे प्यार किया था और तुम ही से करती रहूंगी सिया कहती है तुमने उसे लड़की से शादी नहीं कि यह सुनकर राज को गुस्सा आ जाता है लेकिन वह लोगों के कारण आराम से बात करता है वह कहता है मैंने तुम्हें कितनी बार समझाया था कि मैं उससे प्यार नहीं करता नहीं करता वह लड़की मुझसे प्यार करती है जब उसे हमारे बारे में पता लगा तो वह भी शर्मिंदा होकर चली गई थी. तुमने इतनी सी बात समझ में क्यों नहीं आ रही है। सिया कहती है कि तुम मेरे कारण एक लड़की को छोड़ रहे हो जिससे तुम प्यार करते हो क्योंकि तुमने मुझसे कहा था कि तुम मुझे पसंद करते हो प्यार नहीं मेरी वजह से तुम अपने प्यार को मना कर रहे हो राज गुस्से में कहता है सिया तुम सच में पागल हो क्या पहले तो तुमने मुझे अपने दिल की बात नहीं बताई अगर मैं तुमसे प्यार नहीं करता तो क्या मैं तुम्हारे मन की बात जान पाता पागल है तू खुलकर मुझसे उसे लड़की के बारे में पूछ लेती सारे ख्याल अपने दिमाग में ही बनाए रखती है हम दोनों एक दूसरे से प्यार करते रहे तुम अपने दिल की बात मुझसे खुलकर शेयर कर सकती हो या नहीं। सिया राज से माफी मांगती है और अंत में वे दोनों मिल जाते हैं और साथ में रहने लगते हैं.क्योंकि यह दोनों एक दूसरे से प्यार करते हैं बस सिया के दिमाग की गलतफहमी के कारण और बातों के कारण दोनों अलग हुए थे लेकिन अपने प्यार के कारण दोनों मिल जाते हैं और दोनों साथ में रहने लगते हैं .
FAQs:
Q1: राज और सिया की पहली मुलाकात कहाँ हुई थी?
A: राज और सिया की पहली मुलाकात शहर में भड़के दंगों के दौरान एक सूखे नाले में हुई थी, जहाँ दोनों अपनी जान बचाने के लिए छुपे हुए थे।
Q2: राज और सिया क्यों अलग हुए थे?
A: सिया ने राज के ऑफिस में एक लड़की को उससे "आई लव यू" कहते और गले लगाते देखा था, जिससे उसे लगा कि राज उसे धोखा दे रहा है।
Q3: राज और सिया कितने साल बाद मिले थे?
A: राज और सिया 5 साल बाद एक ट्रेन में अचानक मिले थे।
Q4: इस कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
A: यह कहानी बताती है कि सच्चा प्यार हमेशा सच की राह खोजता है और गलतफहमियाँ कितनी भी बड़ी हों, प्रेम की शक्ति सब पर विजय पाती है।
Q5: राज और सिया के माता-पिता ने उनके रिश्ते को क्यों मंजूरी दी?
A: जब दोनों के पिता मिले तो पता चला कि वे कॉलेज में साथ पढ़ते थे और पुराने दोस्त थे, इसलिए उन्होंने खुशी से इस रिश्ते को मंजूरी दे दी।
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