दोस्ती का धोखा: जब सच्चाई पर शक होने लगे #Thriller Story # Suspense Story

दोस्ती का धोखा: जब सच्चाई पर शक होने लगे

दोस्ती का धोखा: जब सच्चाई पर शक होने लगे(suspense-story)

अदिति 26 वर्षीय लड़की है जो दिल्ली में जॉब करती है। उसकी कंपनी मल्टी नैश्नल कंपनी है। ये कंपनी अदिति को एक पैकेज दे रही है। उसे कंपनी से एक गाड़ी और एक फ्लैट मिलता है। अदिति अपनी माँ के साथ कंपनी वाले घर में जल्द शिफ्ट हो जाती है।इस समय अदिति और उसकी माँ ही हैं फैमिली में।उसका एक भाई है जो विदेश जा चुका है। उन्हें छोड़कर वह अपने आर्थिक हालात में बहुत परेशान हो गया था। कुछ दिन तक तो उसका फ़ोन आया। बाद में उसका फ़ोन आना बंद हो गया। उसने वहीं एक इंडियन लड़की से शादी कर ली। अदिति के पापा की मौत?एक एक्सीडेंट में हो जाती है इसलिए फैमिली के नाम पर अदिति और उसकी माँ ही हैं। अदिति और उसकी माँ जल्द इस नए शहर को अपना बना लेती है। उसकी मम्मी की जान पहचान पड़ोस में हो जाती है। अदिति की मम्मी के कारण पड़ोस में उसके साथ एक अच्छा महिलाओं का ग्रुप बन जाता है। दोनों माँ और बेटी बहुत खुश रहते हैं। अदिति को भी अपनी पसंद की नौकरी मिल जाती है। अदिति और उसकी मम्मी अक्सर वीकेंड पर बाहर घूमने जाते हैं। दोनों की जिंदगी आराम से चल रही थी। अदिति कंपनी से मिली हुई गाड़ी के ऑफिस जाती है।उससे वापस आती है एक दिन अदिति अपनी गाड़ी पार्किंग में खड़ी करके अपने ऑफिस जा रही थी। उसे ऐसा लगा जैसे कोई उस पर नजर रख रहा है और उसका पीछा कर रहा है। जब अदिति अपने आसपास नजर घुमाकर देखती है तो उसे कोई नजर नहीं आता है। अदिति को लग रहा था यह जरूर उसका वहम होगा। वो नजरंदाज करके अपने ऑफिस मेंअपने कैबिन में चली जाती है और अपने काम पर लग जाती है। वो अपना काम कर रही थी। एक परछाई दिखाई देती है। तुरंत उसे पार्किंग वाली बात याद आ गई। जब उसे लग रहा था कि कोई उनका पीछा कर रहा है वो तुरंत उठकर बाहर देखती है वहाँ चपड़ासी सबको चाय पीला रहा होता है।अदिति को बाहर निकलते हुए वो देख लेता है वो कहता है मम् क्या हुआ आपको चाय लेनी है। मैं तो इसलिए आप के कैबिन में नहीं आया क्योंकि आप चाहे तो पीती नहीं है, इसलिए मैं आपको चाहे देने नहीं आया। अदिति नहीं मुझे चाय नहीं चाहिए, तुम मुझे नींबू पानी ला दो। अदिति को कुछ लेना तो था नहीं लेकिन वो अब।पियोन से क्या कहे। इसलिए उसने नींबू पानी ही मंगवा लिया। जब अदिति शाम को अपने घर जाने के लिए अपनी कार के पास गई तो उसे गाड़ी के ऊपर एक फूलों का गुलदस्ता और एक लेटर मिला। ये देख अदिति हैरान हो जाती है कि यहाँ पर कोई ये सब कैसे छोड़ सकता है। यहाँ पर तो पूरी सेक्युरिटी हैं अदिति तुरंत वॉचमैन को बुलाकर पूछ्ताछ करती है।।यहाँ पर कोई अनजान व्यक्ति आया था तो वॉचमैन मना कर देता है। धीरे और भी लोग वहाँ पर आ जाते हैं।अदिति को ऐसे परेशान देख वे पूछते हैं मम् क्या हुआ? अदिति उन्हें लेटर और गुलदस्ते की बात बता देती हैं। वे लोग कहने लगते है आपको पुलिस में कंप्लेन करनी चाहिए। यहाँ पर सीसीटीवी लगे हुए हैं। वो व्यक्ति जरूर पकड़ा जाएगा जिसने ये हरकत की है। अदिति के साथ काम करने वाली एक और लड़की सीमा भी वहाँ।आ जाती है। वो अदिति से कहती है, तुम लेटर पढ़ो क्या लिखा है? इसमें अदिति मना कर देती है और फिर वो लेटर पड़ने लगती है जिसमें लिखा होता है मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और अपनी आखिरी सांस तक करता रहूंगा तो मैं कभी तुम्हे अपनी नजरों से दूर नहीं होने दूंगा।पता नहीं तुम क्यों मेरे एहसास से डर जाती हो मैंने तुम्हें कभी कोई तकलीफ पहुंचाई है और ना ही कभी पहुंचाऊंगा। बस मैं तुमसे इतना चाहता हूँ की जैसे बेइंतहा प्यार मैं करता हूँ, तुम भी मुझसे करो मुझे तुमसे और कुछ नहीं चाहिए अदिति लेटर पढ़कर हटी ही थी वहाँ पर पुलिस आ गई। पुलिस वॉचमैन और कई लोगों से पूछ्ताछ करती है, लेकिन उन्हें कुछ पता नहीं चलता है। फिर पुलिस सीसीटीवी रिकॉर्डिंग देखती है। उसमें एक लड़का आता है जो फूल और लेटर रखता है लेकिन उसकी पहचान नहीं हो पाती। उसने मास्क और चश्मा लगा रखा था। पुलिस की जांच भी कोई काम नहीं आती है।पुलिस अदिति को कहती है तुम अपना खयाल रखना और कुछ भी अजीब लगे तो हमें फ़ोन कर देना पुलिस वहाँ से चली जाती है अदिति भी अपने घर आ जाती है अदिति की परेशानी उसकी मम्मी उसके चेहरे पर साफ साफ पढ़ लेती है। वो पूछती है क्या हुआ अदिति तुम इतनी परेशान क्यों हो? अदिति अपनी मम्मी को टेंशन नहीं देना चाहती इसलिए वो कहती हैं कुछ नहीं। मम्मी काम को लेकर थोड़ी प्रॉब्लम है, बाकी कुछ नहीं  मम्मी भी अदिति की बात पर यकीन कर लेती है। अदिति के दिमाग से अभी पार्किंग वाला हादसा नहीं निकल पाता  है।अब वो कही भी जाती है, उसे ऐसा ही लगता है जैसे कोई उस पर नजर रखे हुए है। उसे अपने घर में भी अब ऐसा ही लगता है।जब कभी मम्मी उसको आवाज देती है, एकदम से चौंक जाती है। हालांकि उस दिन के बाद उसके साथ दोबारा ऐसा कुछ नहीं हुआ था। 1 दिन अदिति अपने ऑफिस में घर आ रही थी। रास्ते में उसकी गाड़ी खराब हो जाती है। वह फ़ोन करके हेल्प मंगवाती है। मैकेनिक कहता है गाड़ी गैराज में ले जानी पड़ेगी अदिति गाड़ी गैराज में?ले जाने के लिए कह देती है।और खुद वहाँ से पैदल चल पड़ती है। उसे फिर से ऐसा लगा जैसे कोई उसका पीछा कर रहा है। वो अपने सामने खड़ी गाड़ी में।सुधीर को देखती है, जो उसकी कंपनी का अकाउंटेंट सुधीर है।वो पलटकर सुधीर से कहती है तो इतने दिन से तुम ही मेरा पीछा कर रहे थे। सुधीर अरे-अरे, लड़खड़ाती आवाज में कहता है मैं तुम्हारा पीछा क्यों करूँगा मेरा घर यहीं है दो मकान छोड़कर गली  में। कॉर्नर पर ऑटो वाले आगे नहीं आते हैं। अदिति तुम सच कह रहे हो ना तुम्हे? तो पता है ऑफिस की पार्किंग में क्या हुआ था? सुधीर अगर आपको यकीन नहीं आ रहा तो आप मेरे घर कर?चल लीजिये मेरी माँ से मिल लेना अदिति नहीं नहीं उसकी कोई जरूरत नहीं है। सुधीर अदिति से पूछता है, क्या आप उसी बात को लेकर परेशान हो,हो सकता है किसी ने मजाक किया हो। अदिति पता नहीं ये सब क्या है? लेकिन मुझे अभी भी लगता है जैसे कोई मुझ पर नजर रखे हुए हैं। सुधीर कहता है मेरा भाई पुलिस में है लेकिन वो यहाँ नहीं। यहाँ पर उसकी जानकारी बहुत है, तुम कहो तो मैं उससे बात करू। अदिति कहती है थैंक्स लेकिन। अभी उसकी जरूरत नहीं है। अगर दुबारा कुछ हुआ तो मैं तुम्हे बता दूंगी, फिर तुम बात कर लेना। सुधीर ठीक है। अदिति जब घर पहुंचती है तो उसे गेट पर एक डिब्बा मिलता है जिस पर अदिति लिखा था। अदिति उस डिब्बे को खोलती है तो उसमें एक लेटर होता है लेटर में लिखा होता है। तुमने पुलिस को बुलवाकर अच्छा नहीं किया, ये तुम्हारे और मेरे बीच की बात है जो तुमने सबको बता दी, मैं तुम्हें जाने कब से प्यार कर रहा हूँ क्या मैंने तुम्हारे साथ कुछ गलत किया है? कभी अदिति ये सब पढ़कर परेशान हो जाती है। वो समझ जाती है कोई है जो मुझे लंबे समय से जानता है। इसलिए यह दिल्ली का तो नहीं है? दिल्ली में तो कुछ समय ही हुआ है। अदिति तुरंत सुधीर को फ़ोन करते।और सारी बात बता देती हैं। अदिति कहती है, वो मुझे बहुत समय से जानता है। सुधीर का भाई आकाश सब कुछ समझ जाता है तो अपने दो आदमी सिविल ड्रेस में अदिति के ऑफिस और घर के पास लगा देता है। दूसरी तरफ अदिति की माँ को आशीष बाजार में मिल जाता है।वो अदिति की मम्मी की बहुत मदद करता है वो उनका सामना उनके घर तक छोड़ने आता है। उन दोनों के बीच बहुत बाते होती है। अदिति की मम्मी कहती है क्या अदिति को पता है तुम दिल्ली में हो? आशीष कहता है नहीं, वह तो आज आप दिख  गए तब पता लगा मुझे की आप लोग दिल्ली में शिफ्ट हो गए हो।वैसे भी मुझे तो यहाँ रहते हुए 3 साल हो गये है।अदिति की मम्मी कहती है, क्या मैं अदिति को तुम्हारे बारे में बता दूँ? आशीष नहीं  आंटी, आप उसे मेरे बारे में कुछ मत बताना। मैं उसे सरप्राइज़ देना चाहता हूँ। उसके बर्थडे पर मम्मी ठीक है, मैं अदिति को कुछ नहीं बताऊंगी लेकिन वो तुम्हें देखकर बहुत खुश हो जाएगी। हाँ आंटी मैं जानता हूँ आज अदिति की मम्मी आशीष से मिलकर बहुत खुश थी।दूसरी तरफ अदिति को लेटर पढ़कर परेशानी हो रही थी। अदिति जब अपनी मम्मी को खु़श देखती है तो वो भी अपनी परेशानी पर खुशी का ढोंग लगा लेती है।वो नहीं चाहती है कि। उसकीपरेशानी देखकर उसकी मम्मी की खुशी भी परेशानी में बदल जाए। आज  अदिति की मम्मी बहुत खुश होने के कारण वो अदिति को कहती है बेटा अब तुम्हें शादी कर लेनी चाहिए। अब तो तुम अच्छी खासी नौकरी भी करती हो। अगर तुम्हें कोई पसंद है तो मुझे बता देना या फिर मैं कोई लड़का देखूं तुम्हारे लिए अदिति वो लड़का तुम्हारे साथ पढ़ता था। आशीष कैसा रहेगा तुम्हारे लिए? अदिति आशीष का?नाम सुनकर गुस्सा आ जाता है। वो अपनी मम्मी से कहती है आपने क्या शादी शादी लगा रखी है? जब मुझे करनी होगी तब मैं आपको बता दूंगी। मम्मी भी अदिति के ऐसे व्यवहार से परेशान हो जाती है की अचानक इसे क्या हुआ? मैंने तो ऐसी ही कोई बात नहीं की जिससे ये इतना भड़क गई। थोड़ी ही देर में अदिति  को अहसास होता है। उसने कुछ ज्यादा ही रिएक्ट कर दिया है।वो मम्मी से सॉरी बोलती है और कहती है मम्मी मुझे ऑफिस की कुछ टेंशन है। इस कारण मैं कुछ ज्यादा ही बोल गई। मम्मी कहती है कोई बात नहीं तुम अपना ध्यान रखो और शांत रहो। अदिति कुछ दिन बाद तुम्हारा जन्मदिन है क्या तुम अपने फ्रेंड्स को बुला रही हो? अदिति कहती है, मम्मी हाँ ऑफिस के ही चार पांच लोग ही आयेंगे। सुधीर आकाश से कहता है।क्या कुछ पता लगा कौन हैं आकाश नहीं, अभी तो कुछ पता नहीं लगा हैं। हाँ पर एक लड़का है जिस पर शक है।लेकिन पक्का नहीं है कि वो इन सबके पीछे है या नहीं। सुधीर और अदिति भी अब काफी नजदीक आ गए थे। सुधीर तो पहले से अदिति को पसंद करता था, उसने तो एक बार उसे प्रपोज भी किया था लेकिन अदिति ने मना कर दिया। उसके बाद सुधीर ने कभी भी अदिति से वैसी बात नहीं की थी।उनके बीच की बातचीत काम करने तक सीमित थी। इस कारण सबसे पहला शक अदिति का सुधीर पर गया था। लेकिन सुधीर बेकसूर होता है इसलिए पुलिस भी उसे क्लीन चिट दे देती है। 2 दिन बाद दिल्ली के बर्थडे के दिन सब इकट्ठे होते हैं।वे लोग अदिति  के घर पर ही बर्थडे पार्टी करते है। सब लोग एन्जॉय कर रहे होते हैं,अदिति की मम्मी आशीष को भी वहाँ बुला लेती हैं अदिति को सरप्राइज़ देने केलिए लेकिन आशीष को देखकर अदिति की सारी खुशी।पर पानी फिर जाता है। अदिति के चेहरे को देखकर सुधीर उसके पास आकर कहता है।क्या हुआ अदिति तुम्हारा मूड क्यों खराब हो गया कुछ समय पहले तो तुम बहुत खुश थीं अदिति कहती  है, ऐसी कोई बात नहीं है। बस थोड़ा सा चक्कर आ गया था और कुछ नहीं। सुधीर पक्का कुछ और बात नहीं है ना कही फिर से कोई लेटर या कोई मैसेज तो नहीं आया है। ये सुनते ही अदिति के सामने पहले की आशीष के सभी हरकतें।याद आने लगी। कैसे वो उसे परेशान करता, अपने प्यार का इजहार करके कभी लेटर भेजता, कभी फूल तो कभी वाइस मैसेज भेजता जिससे अदिति परेशान हो जाती है। वह  आशीष  से कहती हैं मैं तुमसे प्यार नहीं करती लेकिन आशीष हमेशा कहता तुम एक ना 1 दिन मुझसे प्यार करोगी और मेरी ही बनोगी।  अदिति उसे थप्पड़ लगा देती है।जिससे वो और चिढ़ जाता है। वो कहता है मैं तुम्हें अपना बनाकर रहूंगा। जब आशीष नहीं मानता है उसे परेशान करने से तो वो उसकी  बाप को सब बता देती हैं। वो कहती हैं, अगर मैं चाहूं तो पुलिस में शिकायत कर सकती हूँ।अगर मैंने ऐसा किया तो इसका भविष्य खराब हो जायेगा। आशीष के  बाप भी यह बात जानते हैं की अदिति ठीक कह रही है इसलिए वे लोग आशीष को अपने रिश्तेदार के घर देहरादून भेज देते हैं। सुधीर अदिति को ऐसा खामोश देखकर पूछता है क्या हुआ? सब ठीक तो है।अदिति सुधीर से पूछती है, क्या तुम अब भी मुझसे शादी करना चाहते हो? अदिति की बात सुनकर सुधीर हैरान हो जाता है। अचानक अदिति ये सब बातें क्यों कर रही है? सुधीर को ऐसे चुप देखकर अदिति कहती हैं, मैं समझ गयी तुम आगे बढ़ गए हो।  अब तुम मुझसे शादी नहीं करना चाहते, कोई बात नहीं। सुधीर कहता है नहीं अदिति, ऐसी कोई बात नहीं है। मैं तो बस हैरान हो गया जब तुमने एकदम से शादी की बात की क्योंकि तुमने कभी मुझसे ठीक से बात भी नहीं की थी, उस दिन के बाद  हमारे बीच बातचीत होने लगी है।  वो भी उसे ढूंढने के लिए जो तुम्हें परेशान कर रहा है। अदिति कहती हैं, मुझे बस तुम्हारा जवाब सुनना है। हाँ या ना सुधीर कहता है, हाँ मैं तुमसे शादी करना चाहता हूँ, मैं तो पहले भी तैयार था, बस तुम ही नहीं चाहती थी। अदिति कहती है, ठीक है तो मैं आज यही पर अनाउंस करना चाहती हूँ की हम शादी करने वाले हैं। सुधीर को कुछ समझ नहीं आ रहा था की अदिति इतनी जल्दबाजी में क्यों हैं? आखिर वो क्या करना चाहती है?सब कुछ ठीक है ना? सुधीर अदिति  को एक तरफ ले कर आता है, आशीष की नजर भी उन दोनों पर होती है। सुधीर कहता है आखिर बात क्या है? तुम ये सब क्यों कर रही हो? तुम किसी मुश्किल में तो नहीं हो? अदिति सुधीर को आशीष के बारे में सब बताते हैं। सुधीर कहता है, फिर तुमने उस क्यों बुलाया है? अदिति कहती हैं, मैंने नहीं बुलाया, मम्मी ने बुलाया है।कुछ दिन पहले मम्मी उसके बारे में बात भी कर रही थी। ये मम्मी की फ्रेंड का बेटा है। इसकी हरकतों के बारे में मम्मी को कुछ नहीं पता और ना ही उसकी मम्मी को पता है। आशीष को भी नहीं पता है की मेरे कहने से ही उसके पापा उसे उसके मामा के घर भेजा था। सुधीर ठीक है, अब मुझे समझ में आया तुमने यह सब इसलिए करना चाहती हो ताकि ये आशीष तुम्हें दोबारा परेशान न करे लेकिन तुम मुझे ये साफ साफ बता सकती हो। मैं तुम्हारी मदद जरूर करता। अदिति कहती हैं, सुधीर तुम मुझे गलत समझ रही हो, मैं तुमसे सच में शादी करना चाहती हूँ। मुझे पता है तुम ऐसी क्यों कर रहे हो क्योंकि जब तुमने मुझसे शादी करने की बात कही थी तब मैंने मना कर दिया था। पर मैंउस समय शादी नहीं करना चाहती थी तब मैं और अब मैं बहुत फर्क है। तुमने मेरी कितनी मदद की है तुमने हर कदम पर मेरा साथ दिया है और मैंने तो तुम्हें कई बार भला बुरा भी कह दिया था, तब भी तुमने मेरी मदद करना नहीं छोड़ा तुम्हारा ये।केयरिंग नेचर देखकर ही मुझे तुम अच्छे लगने लगे हो। मेरे ख्याल से चाहे कैसे भी हालात हो, तुम मेरा साथ नहीं छोड़ोगे अदिति की बात सुनकर सुधीर अदिति की बात मान गया और वे दोनों अपनी सगाई की अनाउंसमेंट कर देते हैं। उन दोनों की सगाई की बात सुनकर ऑफिस के लोगों को हैरानी हुई क्योंकि ऑफिस में कभी उन्हें ऐसा नहीं लगा जैसे वे दोनों।एक दूसरे से प्यार करते हो। दूसरी तरफ़ आशीष यह खबर सुनकर दुखी और गुस्से में हो जाता है। वो अपने हाथ पकड़े हुए गिलास को ज़ोर से पकड़कर तोड़ देता है। जीस कारण उसके हाथ से खून आने लगता है। अदिति की माँ  आशीष के हाथ से खून निकलते हुए देखती है तो वे।आशीष की चिंता करती है लेकिन आशीष उखड़े हुए मूड से कहता है नहीं आंटी  कुछ नहीं हुआ है। मैं अभी डॉक्टर को दिखा दूंगा। अदिति आशीष को देखकर सब समझ गई थी। उसे क्या हुआ है? आशीष वहाँ से चला जाता है। अदिति की माँ कहती है अदिति तुमने तो मुझसे भी नहीं बताया की तुम किसी को पसंद करती हो? अदिति कहती है क्यों माँ आपको सुधीर पसंद नहीं है? क्या आप तो हमेशा मेरी शादी के पीछे पड़ी रहती हो? मा कहती है नहीं? ऐसीकोई बात नहीं है। मैं बस तुमने अचानक से सगाई की बात की इसलिए मैं तो तुम्हारे इस फैसले से बहुत खुश हूँ। वैसे सुधीर अच्छा और समझदार लड़का है। 2 दिन बाद अदिति ऑफिस नहीं आती है। सुधीर उसे फ़ोन करता है लेकिन उसका फ़ोन बंद आता है। ऑफिस खत्म होने के बाद सुधीर अदिति के घर आ जाता है।वो माँ से अदिति के बारे में पूछता है वो कहाँ है?अदिति की माँ कहती है, वो तो सुबह ऑफिस के लिए निकली थी। अगर वो ऑफिस नहीं गईं तो कहाँ गई? यह सुनकर सुधीर समझ जाता है लेकिन वो माँ को परेशान नहीं करना चाहता था इसलिए वह उन्हें कुछ नहीं बताता है। वो कहता है शायद वो अपनी फ्रेंड दिव्या के पास होगी। आज उसका बर्थडे है।ये कहकर वो वहाँ से आ जाता है और अपने भाई आकाश को अदिति के गायब होने की खबर बताता है। आकाश कहता है ये कैसे हो सकता है? मैंने तो अपना एक आदमी अदिति के आसपास लगा रखा है। अगर ऐसा कुछ होता तो वह मुझे खबर जरूर करता। आकाश तुरंत उसे फ़ोन करता है, फ़ोन की घंटी जाती है लेकिन फ़ोन?कोई नहीं उठाता है। आकाश तुरंत उसकी लोकेशन लेकर वहाँ तुरंत पहुँच जाता है। उसे पता है कुछ बड़ी गडबड है, उससे सावधानी से वहाँ जाना होगा। वो एक डिलीवरी बॉय बनकर जाता है। वो लोकेशन एक बंद फैक्टरी की होती है। जब से आशीष को देखता है तो वो पहचान जाता है ये तो अक्सर।अदिति के ऑफिस और घर के आसपास दिखाई देता है। इसने जरूर अदिति और  कॉन्स्टेबल के साथ कुछ किया है।आकाश आशीष को कहता है तो आशीष उससे लड़ने लगता है और उसे धक्का देकर निकाल देता है। आकाश उसके साथ कोई ज़ोर जबरदस्ती नहीं करता है। वह चुपचाप बाहर आ जाता है। उसे पता है आशीष उन दोनों के साथ कुछ भी कर सकता है। इसलिएआकाश  अपनी बैकअप टीम को बुलाता है और इस गोदाम के अंदर जाता है। वे लोग आशीष को अरेस्ट कर लेते है। आकाश जब गोदाम केअंदर जाता है तो वो अदिति को बेहोशी की हालत में देखता है और कांस्टेबल को बुरी तरह जख्मी हालत में देखता है। अगर उसे तुरंत मेडिकल सर्विस नहीं मिली तो उसके साथ कुछ भी हो सकता है। वो तुरंत उसे हॉस्पिटल पहुंचाता है। आकाश अदिति को अर्द्धबेहोशी की हालतउसे उठाने की कोशिश करता है आकाश समझ जाता है कि उसे कोई नशीली चीज़ देकर बेहोश किया गया है। वो सुधीर को भी वहाँ बुला लेता है। सुधीर अदिति कि ऐसी हालत देखकर।दुखी हो जाता हैं और आशीष पर गुस्सा आता है। वो अदिति से शादी करने वाला था और अदिति को इस बात की खबर ही नहीं है उसके साथ क्या हो रहा है? कुछ समय बाद जब अदिति को अच्छे से होश आ  जाता है तो वो सुधीर को अपने पास देखकर रोने लगती है और उसके गले लग जाती है। सुधीर पूछता है यहतुम्हें यहाँ कैसे लेकर आया? आदिति बताती हैं, जब मैं ऑफिस के लिए निकली तो लिफ्ट में किसी ने मुझे पीछे से इंजेक्शन लगाया।मैं देख तो पा रही थी लेकिन कुछ कर नहीं सकती थी मेरे हाथ पैर इंजेक्शन से सुन हो गए। जब एक आदमी से आकर उसे रोका तो उसे खूब मारा। वह तब भी नहीं रुका तो आशीष उसके सिर पर एक पत्थर से मारता है और वो वही गिर जाता है। वो उसे बांधकर अपनी गाड़ी में डाल देता है। मैं ये सब गाड़ी में बैठकर देख रही थी, लेकिन कुछ कर नहीं सकती थी।उसके बाद तो मुझे कुछ नहीं पता क्या हुआ मैंने तो तुम्हें अपने पास देखा तुम बताओ मैं यहाँ कैसे आई? सुधीर कहता है आशीष तुमसे शादी करने वाला था, ये तो आकाश के कारण मैं तुम तक पहुँच पाया। अदिति  सुधीर के गले लगकर रिलैक्स होती। 

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